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मरने के बाद


क्या मरने के बाद भी व्यक्ति की आत्माएं होती हैं!!
जो रहती हैं अपनो के आस पास हमेशा!
उसके सुख में,उसके दुख में,उसकी हंसी,उसके आंसू मे!
मेरे पास तो अब भी आती है मां…
जब दो दिन बीत जाते हैं बिना खाये,
चली आती है सपने में डांटने,चिंता करने,
पीछे-पीछे घूमती है अब भी,जब होती हूं किसी चिंता में निमग्न,
चुपके से देखती है,जब होती हूँ किसी बात पर खुश,
घर लौटे जब हो जाते हैं बहुत दिन,घबराई सी लगती है,
जब करती हूं किसी पर भरोसा,हिदायत सी देती है,
सच है…
जब सारे रिश्ते टूटकर बिखर जाते हैं,तब कुछ रिश्ते मरकर भी नहीं छूटते,
हां,मां अब भी साथ है,सारे तर्क-वितर्क से परे होकर,
कि मरने के बाद आत्माएं होती हैं या नहीं।।।

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