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विचारों का पंचनामा(3)…

 

फोटो गूगल से

1. किसी इंसान को सम्मान देना हो तभी उसे “कुत्ता” कहना चाहिए।मक्कारी में कुत्ते अभी इंसान से नई सृष्टि जितने दूर हैं।
2. किसी को कपड़े उतारे बिना नग्न करना हो तो उससे दिल लगा लेना फिर यह कह झटक देना कि ‘तुम्हारे हृदय में वासना का कीचड़ बहता है’।
3. देह के साथ मन-आत्मा को नमक की तरह गलाना हो तो मित्र के घर का नमक खा लेना चाहिए।
4. देह के साथ मन-आत्मा को घुन लगाना हो तो प्रेम में गेंहू बन जाना चाहिए।
5. अगर आप एक ही गलती बार-बार करते हैं तो आपके दिमाग में कोशिकाएँ नहीं,भूंसा भरा है।और दुनिया के किसी कोने में इसका इलाज नहीं।

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