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Showing posts from November, 2024

हेमंत -भाग 2

जहाँ परिवर्तन ही सृष्टि का नियम है,हम भला कहाँ रोक भी सकते थे उसे रोकने से;किंतु जाते हुए को ठीक से विदा तो करते!हर विदाई ठीक से अलविदा कहे जाने का अधिकार तो रखती है।  हेमंत वास्तव में वियोग का,विरह का अभ्यास है। साधना है वियोगी बनने की।यह वह आरंभबिंदु है जहाँ से सबकुछ धीरे धीरे छूटता जाता है।जहाँ भारतीय परंपरा में आनंद के स्रोत विभिन्न तीज त्यौहार एक अंतराल लेते हैं जो नागपंचमी से आरंभ हो कार्तिक पूर्णिमा पर आकर अवकाश लेता है। आनंद का स्रोत सूख तो नहीं गया किंतु जाने किस कारण वह रूक तो जाता है हेमंत में।हेमंत ने भला ऋत की व्यवस्था में क्या बाधा डाली थी जो ऋतु चक्र में यह लांछन इसपर आ लगा है!  हेमंत मुझमें इसलिए भी करूणा भरता है,अवसाद में ले जाता है यह सोचकर कि वह उजलापन जो देर तक रहता है गर्मियों में वह अब बड़ी शीघ्रता में होगा ढल जाने को। मैं प्रतीक्षा में रहती हूं कि कब गर्मियों के दिन लौटेंगे और दिवस दीर्घ होंगे।उजाला तब न केवल बाहर की दुनिया में होगा अपितु अंतर्तम भी प्रकाशित होगा!जब जब शीत की ऋतु बीत जाती है और किसी रोज़ जब सांझ ढले द्वार खोलने पर मैं पाती हूं कि अब तक उ...

उदास दिन...

मैं अक्सर बेहिसाब उदासी से भर जाती हूं।इतनी उदास कि इस उदासी से दुनिया में एक नया महासागर बन‌ सकता है और दुनिया के नक्शे में पांच महासागर की जगह कुल छह समंदर हो जाएं।जब मैं कहती हूं किसी अपने से कि बहुत उदास हूं तो वह मुझे समझाता है कि फलां-फलां कारण से उदास हो और फलां-फलां काम करो,मन लगाओ तो उदासी दूर हो जाएगी। गोया उदास होना बहुत बुरी बात हो।कोई नहीं मिलता जो ये कहे कि ओह!उदास हो!अच्छी बात है,रहो उदास और इस दुनिया की चिंता मत करो।यह उदासी तुम्हारी यानि मेरा किरदार है इस दुनियावी रंगमंच पर। वर्ष भर के किन्ही‌ कमजोर दिनों में मैं अपनी उदासी को साधने में नाकामयाब होती हूं और तब उन दिनों में मैं अपने पसंदीदा गाना नहीं गा पाती‌ हूं।उन गीतों को भी नहीं जो प्रसन्नता के दिनों में बड़े सुर में निकलते हैं।उदासी‌ भरे गीतों के तो बोल तक नहीं फूटते कंठ से जबकि मुझे लगता है मेरी आवाज़ पर वे ही गीत अधिक फबते हैं।इन बेहद गहरे उदास दिनों में कुछ लिखा‌ भी नहीं जाता।शब्द कहीं खो जाते हैं।अर्थ अपनी अभिव्यक्ति में असमर्थ से हो जाते हैं।उथले से वाक्य बनते हैं और बेहद छिछले से वाक्यांश।और कलम!साध लेती है च...