Skip to main content

Posts

Showing posts from March, 2026

चिराॅंद

गंगा,गंडक एवं घाघरा नदी से घिरा छपरा अपने तमाम पुरातात्त्विक एवं धार्मिक स्थलों के साथ भारत में मानव बसाहट के सबसे प्राचीन स्थलों में से एक है जहाॅं का पुरातत्व स्थल चिरांद इसकी ऐतिहासिकता का गवाह है। छपरा से 11 किलोमीटर दूर स्थित यह पुरातत्व स्थल ईसा पूर्व 2000, यानी आज से 4000 साल पुराना माना जाता है। वह सिद्धार्थ जिन्होंने मनुष्य रूप में सर्वोच्च नैतिकता के स्तर को प्राप्त किया और बुद्ध कहलाएं;जिन्होंने सर्वोच्च दार्शनिक अवधारणा निर्वाण (मुक्ति) को यथार्थ बनाया,ऐसी मान्यता है कि उनके प्रिय शिष्य आनंद ने इसी स्थल पर जलसमाधि ली थी।इसी कारण इस स्थल का नाम चिरांद है कि वह जो यहां समाधिस्थ हुयें,चिर (कभी न समाप्त होने वाले) + आनंद में समाधिस्थ हैं। संभवतः आमजन की बोली में यह चिर आनंद चिरांद हो गया। बहरहाल, नवपाषाणकाल का प्रथम उत्खनन भारत में यहीं प्राप्त हुआ। पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षण में ताम्रपाषाणिक युग, नवपाषाण और लौह युग के अवशेष बरामद किए गए है। यहाँ 2500 ईसापूर्व से 40 ईस्वी तक के बनाये गए घरों के अवशेष भी बरामद किए गए है।खुदाई के दौरान कृषि में उपयोग किये जाने वाले सामग्री सहित ...